Garbhasana yoga in hindi

गर्भासन आसन और इस आसन से होने वाले फायदे

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गर्भासन आसन
गर्भासन आसन





सर्वप्रथम पद्मासन लगाएं |  दोनों हाथ जांधों और पिंडलियों के मध्य फंसा दें | फिर दोनों हाथों से अपना कान पकड़ लें या हाथों की उंगलियां एक दूसरे के मध्य में डाल दोनों हाथों से गला पीछे से पकड़ लें |
इस आसन में शरीर की स्थिति गर्भ में स्थित बच्चे के समान हो जाती है |  इसलिए इस को “गर्भासन” करते हैं |

 

इस आसन से होने वाले फायदे

  • इस आसन से पद्मासन तथा मुक्त कुक्कुटासन लाभ तो प्राप्त होगे ही, इसके साथ ही जंघाएं, नितम्ब, पिंडलियों, वस्ती प्रदेश और गर्दन सशक्त बनते है |
  • हर्निया तथा  महिलाओं के मासिक धर्म की गड़बड़ी में भी यह लाभप्रद है |
  • इस आसन के अभ्यास से आंतों के रोग दूर होकर अग्नि प्रदीप्त  होती है और शुद्धि में लाभ होता है  |
  • इसके करने से बुढ़ापा शीध्र नहीं आता |
  • यह आसन स्त्रियों के लिए बड़ा लाभकारी है | इससे शिशु के जन्म के समय अधिक पीड़ा नहीं होती है |



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