होली 2017

होली 2017 जानिये होली के बारे में सभी जानकारी पाये

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होली

होली 2017 (holika dahan)

होली 2017 का पावन त्यौहार एक प्राचीन भारतीय त्योहार है होली का उत्सव हर साल पूर्णं चन्द्रमा के दिन मार्च (फागुन) के महीने में मनाया जाता है इसे प्यार, सुख, एकता, खुशी, और जीत का त्योहार के रुप मे भी जाना जाता है इस साल 12 मार्च 2017 को होली का त्यौहार मनाया जायेगा |

इसके बारे में अब हम आपको बताएँगे क्या आप जानते हो होली क्यों मनाई जाती है अगर आप नहीं जानते तो आज हम आपको इसके के बारेमे बतायेंगे |


होली की  पौराणिक कथा

होली की पौराणिक कथा (holi ki katha)

यह कह कर जैसे ही  हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को मारने के लिए तलवार उठाई भगवान विष्णु ने  खम्भे को फाड़ नृसिंह रूप  में अवतरित हो अपनी जांधो  पर बैठाकर हिरण्यकश्यप का नखों से पेट  फाड़कर वध कर दिया और  प्रह्लाद के प्राणों की रक्षा की |

हिरण्यकश्यप ने घोर तपस्या से विपुल शक्ति का संग्रहकर देवताओं को कष्ट देना प्रारंभ किया इंन्द्रासन पर भी अपना अधिकार कर लिया और आनंद पूर्वक जीवन व्यतीन करने लगा |

इधर जल हिरण्यकश्यप को पता लगा कि प्रह्लाद तो बच गया और होलिका जलकर भस्म हो गई है तो अत में नीराश हिरणकश्यप ने क्रोधित होकर प्रह्लाद को एक लोहे के खम्भे से बांध दिया और पूछा ‘बोल, कहां है तेरा भगवान, जिसको तू हमेशा रट लगाये रहते हैं प्रहलाद ने निडर होकर जवाब दिया ‘सभी जगह तो है भगवान उसके पिता ने कहा ‘क्या इस खम्भे में भी है यदि है तो में अभी तलवार से दो टुकड़े करता हूं, देखूं वह तुम्हे कैसे बचाता है |

बहुत पुराणी बात है हिरण्यकश्यप नाम का एक बलशाली राक्षस राजा था उसके पुत्र का नाम प्रहलाद था प्रहलाद भगवान का परम् भक्त था परन्तु उसका पिता भगवान को अपना शत्रु मानता था वह अपने राज्य में किसी को भी ईश्वर का नाम लेने देता नही था


होलिका

इस पर क्रोधित होकर उसने प्रहलाद को सोंप के कोठरी में बंद करवाया, पहाड़ से गिरवाया, हाथी के सामने डलवाया, पतन्तु उस भक्त का कुछ ना बिगाड़ पाया अंत में उसने आदेश दिया की मेरी बहन होलिका को बोलाओंऔर उससे कहो की यह प्रहलाद को अग्नि इ लेकर बैठ जाए जिससे प्रहलाद जल कर मर जाएगा होलिका को ऐसा वरदान मिला हुआ था कि अग्नि उसे जला नही सकती अत भाई की आग्न्या से वह भक्त प्रहलाद को गोद में लेकर आग के ऊपर बैठ गई लेकिन प्रहलाद का बाल भी बौका न हुआ और होलिका जल कर भस्म हो गई भगवान की कृपा से अग्नि प्रहलाद के लीये बर्फ के सामान सीतल हो गई

तभी से होली का त्यौहार मनाया जाता है होलिका जलाई जाती है

भक्ति

विष्णु से विशेष विद्रेष था सम्भवत इसी को प्रतिक्रिया स्वरूप उसके पुत्र प्रहलाद में विष्णु के प्रती भक्ति की भावना जाग्रत हुई एक बार हिरण्यकश्यप जब अपने पुत्र की शिक्षा के संबंध में जाने के लिये उसके गुरु के पास गया तप उस अपने पुत्र की भक्ति भावना का भरोसा हुआ उसने अपने पुत्र को ईश्वर नाम लेने से मना किया परन्तु प्रहलाद को ईश्वर भजन से न रोक सका |

प्रहलाद को लेकर जलती चिता पर बैठ गई लेकिन होलिका को शंकर ऐसा चादर मिली थी के उस चादर को ओढ़ने से अग्नि भी जला नही सकती भगवान विष्णु की पूजा अर्चना के कारण होलिका की चादर उडके भक्त प्रहलाद के शरीर पर आ गयी जब हिरण्यकश्यप उसके पुत्र को मरने में निष्फल होता है |

भक्त प्रहलाद भगवान विष्णु की भक्ति के छे बच जाता है और होलिका जल जाती है होलिका का अग्नि में जल जाने से मृत्यु हो जाता है होली के दिन होलिका नामक दुर्भावना अंत और भगवान द्वारा भक्त प्रहलाद की रक्षा का जश्न मनाया जाता है पंरतु भक्त प्रहलाद ने भगवान विष्णु की भक्ति नही छोड़ी.



होलीका दहन की सामग्री

 होलीका दहन की सामग्री(holi dahan ki samgri)

 

होलीका दहन की विधि के लिये पवित्र विधि के लिये एक लोटा शुद्ध जल, गुड़, चने, कच्चा सूत, पताशे, मूंग, चावल, हल्दी, नारियल, कुमकुम, गुलाल पूजन की सामग्री |

यह त्यौहार आनंद और उमंग से मनाया जाता है होलिका के लोग जादातर तो उपवास भी रखते है होली की तैयारी लोग महीनो पहले से सुरु हो जाताहे होली के दिन होलिका दहन शाम के संध्या काल भद्र पुरोहित होलिका के पास शंकर के वरदान से जो चादर थी वो भक्त प्रहलाद भगवान विष्णु की पूजा अर्चना से चादर भक्त प्रहलाद पर आ गया था |

फागुन महीनो में आने वाला त्यौहार है इस साल होली 12 मार्च 2017 में मनाई जाएगी होली का त्यौहार हर साल आनंद से मनाया जाता है |

होलिका दहन के पवित्र अग्नि के चरों और नुत्य और लोकगीतों का आनंद लेते है होली के दिन राधा कृष्ण की लीलाओं की वज्र की धुन गलियों में गूंजीती रहती है होली के पवित्र दिन पर लोग अपने घर खीर और पुआ बनाकर अपने सभी देवी और देवता को भोग लगाते है |


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