Matsyasana yoga in hindi

मत्स्यासन आसन और इस आसन से होने वाले फायदे

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मत्स्यासन आसन
मत्स्यासन आसन

मत्स्य का अर्थ है मछली | इस आसन के करने से साधक काफी समय तक जल में रह सकता है | इसलिए इसका नाम मत्स्यासन रखा गया है |



पद्मासन लगाकर पीठ के बल लेट जाएं | फिर दोनों हाथों को पीठ की ओर ले जाकर बांए हाथ से दाहीना और दाहिने हाथ से बांया  भुजदंड पकड़े |

इस समय कमर पृथ्वी से जितनी अधिक ऊपर उठी रहे उतना ही अच्छा है |

इसे करते समय ठोढ़ी कंठ मूल में लगाने से और अधिक लाभ होता है | पद्मासन खोल दे | विश्राम करें |

मत्स्यासन को सर्वागासन के पश्चात ही करना चाहिए |

 

इस आसन से होने वाले फायदे

  • मत्स्यासन से व्यक्ति डूबता नहीं है |  इससे अपानवायु की गति नीचे की ओर हो जाती है |
  • मल त्याग साफ आता है | पाचन शक्ति बढ़ती है | यह आंतों को पुष्ट और साफ करता है |
  • गर्दन और छाती में इसके द्वारा खिंचाव आने से यह मस्तिष्क, गले, फेफड़ों, नाक तथा कान के रोगों में लाभप्रद है |
  • सांस के रोगियों के लिए बहुत उपयोगी है | इससे थाईराइड ग्लैड पुष्ट होती है |
  • इस आसन के अभ्यास से पूरा शरीर मजबूत बनता है | गले, छाती, पेट आदि के रोग दूर हो जाते हैं |
  • आंखे तेज होती है | गला साफ रहता है |
  • छाती और फेफड़ों का विकास होता है |  दमें में लाभ होता है |



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